रामबाग पार्क में चमेली के बीज तोड़ते हुए लेबर ।

 रामबाग पार्क में चमेली के बीजो को तोड़कर खुलकर किया जा रहा बाजार में सप्लाई । 

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 प्रतिदिन 15 से 20 किलो बीज की हो

रही चोरी, 10 से 15 हाजार में बेच रहे बीज । 

भारत लीक्स, आगरा। पुरातत्व विभाग (ASI) के अधीन आने वाले रामबाग पार्क में चमेली के बीजों की तुड़ाई और अवैध सप्लाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले के 16 और 17 तारीख के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
   वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 5 से 6 मजदूर पार्क में लगे चमेली के पेड़ों से बीज तोड़ रहे हैं, जिससे पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
 मजदूरों ने लिया दीनदयाल का नाम
मौके पर जब मजदूरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि दीनदयाल हमसे फूल और बीज तुड़वाता है और उसे बाहर भिजवाता है।”
इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
 रोजाना तुड़ाई, कम मजदूरी
सूत्रों के अनुसार पार्क में करीब एक बीघा क्षेत्र में 500 से 700 चमेली के पेड़ लगे हैं पिछले 2 से 3 वर्षों से यह कार्य चल रहा है प्रतिदिन 25 से 30 किलो तक बीज तुड़वाए जाते हैंमजदूरों को मात्र ₹100 प्रतिदिन भुगतान किया जाता है
भारी मात्रा में सप्लाई का आरोप ।
बताया जा रहा है कि बीजों को सील कर 600 से 700 किलो तक एकत्रित कर बाहर भेजा जाता है, जिससे मोटा लाभ कमाने की बात सामने आ रही है।
इंचार्ज का पक्ष भी आया सामने
इस पूरे मामले को लेकर जब एत्माद्दौला स्मारक के इंचार्ज रियाजुद्दीन से बात की गई तो उन्होंने वायरल वीडियो को गलत बताया। उनका कहना है कि “यह आपसी मतभेद का मामला है, लोग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।”साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि करीब 5 किलो बीज हमारे पास रखा हुआ है, जो कुछ दिनों से टूटकर जमा हुआ है। हालांकि वीडियो में बड़े पैमाने पर बीज तुड़ाई दिखने के कारण इंचार्ज के बयान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
 मेहताब बाग तक जुड़ रहे तार
सूत्रों के अनुसार यह गतिविधि केवल रामबाग तक सीमित नहीं है।मेहताब बाग में भी चमेली के बीजों के साथ आंवला और करौंदा बेचे जाने की बात सामने आई है। 20 साल से तैनाती, विभाग पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दीनदयाल पिछले करीब 20 वर्षों से इसी क्षेत्र में कार्यरत है, जिससे पूरे मामले में विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
 जांच की मांग तेज
वीडियो वायरल होने के बाद अब स्थानीय लोग इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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