शाहदरा में वन विभाग की मिलीभगत से सैंकड़ों हरे पेड़ों की कटाई । 

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 खनन कर जमीन समतल — एसडीओ ने किया निरीक्षण
भारत लीक्स, आगरा । शाहदरा क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कटाई और खनन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि छलेसर रेंज के अंतर्गत वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की शह पर हज़ारों हरे पेड़ों को काटकर जंगल की जमीन पर कब्जा कराया गया। केवल पेड़ों की कटाई ही नहीं, बल्कि जंगल के टीलों (तिलों) की मिट्टी का भी अवैध खनन कर जमीन को समतल कर दिया गया—जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र टीटीजेड (Taj Trapezium Zone) के अंतर्गत आता है, जहां हरे पेड़ों की कटाई सख्त रूप से प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार की कटाई के लिए विधिवत अनुमति आवश्यक होती है। इसके बावजूद वर्षों से लगातार जंगल उजाड़े जाने के आरोप हैं।
मामले की शिकायत जब उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो आज मौके पर अरविंद कुमार (एसडीओ) पहुंचे। उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया, वीडियोग्राफी कराई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने पुरानी वीडियोग्राफी को ही गलत साबित करने की कोशिश की और गलत सीमांकन (मूड़ियां बदलकर) कब्जा कराने के आरोप लगे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिनके संरक्षण में जंगल सुरक्षित रहने चाहिए थे, वही अगर पेड़ कटवाने और जमीन पर कब्जा कराने में शामिल हों, तो कार्रवाई कब और किस पर होगी? अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो जंगल खत्म होते जाएंगे और पर्यावरणीय नुकसान अपूरणीय होगा।
नियमों के अनुसार, टीटीजेड क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटाई और खनन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर वास्तव में क्या कदम उठाए जाते हैं, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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