बस की गली चद्दर में से छात्रा चलती बस से हाइवे पर गिरी , मौत ।
भारत लीक्स, आगरा । एत्मादपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज और दर्दनाक हादसे में जर्जर स्कूल बस की लापरवाही ने 9 साल की मासूम छात्रा की जान ले ली। आरोप है कि स्कूल की कबाड़ा बस में बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। बस के अंदर सीटों की जगह चद्दर डाल दी गई थी। बस चलने पर बच्ची नीचे गिर गई और बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।
थाना एत्मादपुर क्षेत्र के नगला लाले निवासी ब्रह्मजीत की 9 वर्षीय पुत्री नैना एक निजी स्कूल बस से रोज की तरह स्कूल आती-जाती थी। वह आज दोपहर स्कूल से घर लौटने के लिए बस में बैठी थी, लेकिन काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों को चिंता हुई।
परिजनों ने स्कूल से जानकारी की, लेकिन आरोप है कि स्कूल की ओर से घटना की सही जानकारी तुरंत नहीं दी गई। बाद में पता चला कि बच्ची का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। बताया गया कि बच्ची को गोयल स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्कूल बस से बच्चों को लाया जा रहा था वह बेहद जर्जर हालत में थी। बस के अंदर सीटें भी टूटी हुई थीं और उन पर चद्दर गलने पर लकड़ी का तख्ता डालकर बच्चो को बैठाया गया था।
जैसे ही बस चलने लगी, उसी दौरान नैना बस से नीचे गिर गई और बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।
इस दर्दनाक हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में गुस्सा फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से एक मासूम की जान चली गई, क्योंकि बच्चों को कबाड़ा स्कूल बस में बैठाकर लाया-ले जाया जा रहा था।

इस घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सड़कों पर रोज स्कूल बसें दौड़ती हैं तो उनकी फिटनेस और सुरक्षा की जांच क्यों नहीं की जाती। अगर समय-समय पर चेकिंग होती तो ऐसी जर्जर बस सड़कों पर नहीं चल पाती।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और लोग जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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