एत्माद्दौला के चर्चित मामले में चार साल बाद फैसला, पैसों के लालच में रची थी साजिश ।
भारत लीक्स, आगरा । थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार शर्मा हत्याकांड में अदालत ने पत्नी मोना और उसके प्रेमी अजय उर्फ डकैत समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। करीब पाँच वर्ष तक चले इस मामले में पुलिस की विवेचना को अदालत ने सही माना।
ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी सुनील कुमार शर्मा 2 अगस्त 2021 को घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराए जाने पर पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभ में अपहरण की आशंका जताई गई थी, लेकिन जांच के दौरान मामला हत्या में बदल गया।
थाना अध्यक्ष देवेंद्र शंकर पाण्डे ने की मेहनत व कार्यवाही से मिला न्याय ।
मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी अजय उर्फ डकैत और उसकी पत्नी मोना आर्थिक रूप से कमजोर थे और मृतक का उनके घर आना-जाना था। सुनील ने मकान खरीदने के लिए अपने खाते में लगभग 8 से 10 लाख रुपये जमा कर रखे थे। अजय ने मकान दिलाने के बहाने उसके बैंक खाते और पासबुक की जानकारी प्राप्त कर ली। इसके बाद दोनों ने पैसों के लालच में हत्या की साजिश रची थी । इसके बाद उन्होंने लगातार अब सांचो के अभाव होने के बावजूद भी साक्षी जुटा तथा काफी कठिनाइयों का और पारिवारिक चुनाव का विरोध खेलते हुए अपनी कार्रवाई को ईमानदारी मेहनत से करते हुए जांच को पूरा किया और आरोपियों को उन्होंने गिरफ्तार करके जेल भेजा इसके बाद मजबूत एविडेंस पेश करने के साथ ही न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास में दोनों पर 1 लाख 30 हजार का अर्थ दण्ड भी लगाया ।
किराए पर लेकर आया था लोहे की रॉड ।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक टेंट की दुकान से लोहे की रॉड खरीदी और योजना के तहत सुनील को घर बुलाया। घर पहुंचने पर मोना चाय बनाने के बहाने अंदर चली गई, तभी अजय ने पीछे से लोहे की रॉड से वार कर सुनील को घायल कर दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव को कपड़े में बांधकर पोटली बनाई गई।
आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए एक ऑटो चालक को बुलाया और सामान ले जाने के बहाने पोटली लोड कराई। यमुना में फेंकने की योजना थी, लेकिन रास्ते में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र की झाड़ियों में शव को फेंककर फरार हो गए थे।
मृतक के खाते से रुपये निकालकर होटल में ठहरकर खर्च किए तथा ऑनलाइन खरीदारी भी की।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्य जुटाए। मृतक की अंतिम लोकेशन आरोपी के घर के पास मिली। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर बंद मिला। तलाशी के दौरान गाड़ी पर खून के निशान, हेलमेट व बैग बरामद हुए, जिससे संदेह गहरा गया।
थाना अध्यक्ष शंकर पांडे के निर्देशन में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले मोना को हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। बाद में अजय उर्फ डकैत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी मूल रूप से कटनी (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं। मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद न्यायालय में सुनवाई हुई। करीब चार वर्ष बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।