विकास कार्यों में भेदभाव, जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करने का आरोप;
भारत लीक्स, आगरा। नगर निगम आगरा में आयोजित भीम नगरी कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम के कई पार्षदों ने संयुक्त रूप से नगर आयुक्त एवं महापौर को शिकायत पत्र भेजकर आयोजन समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्षदों का कहना है कि भीम नगरी आयोजन समिति द्वारा नगर निगम के सभी पार्षदों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि पूर्व में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि निगम सीमा के अंतर्गत होने वाले सभी सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सभी पार्षदों को समान रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इसके बावजूद इस बार समिति ने कई जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की है, जिससे रोष व्याप्त है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि आयोजन स्थल के आसपास के वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य वार्डों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में भीम नगरी का आयोजन हुआ, वहां विकास कार्य तेजी से कराए गए, जबकि बाकी क्षेत्रों में कार्य लंबित हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोजन समिति ने नगर निगम से विकास कार्य स्वीकृत कराए, लेकिन कार्यों का लाभ सीमित क्षेत्रों तक ही पहुंचा। इससे पार्षदों के क्षेत्रों में जनता में असंतोष है और जनप्रतिनिधियों की छवि प्रभावित हो रही है।
पार्षदों ने मांग की है कि भीम नगरी से जुड़े सभी विकास कार्यों की जांच कराई जाए और भविष्य में नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले किसी भी आयोजन में सभी पार्षदों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि जहां-जहां निगम निधि से विकास कार्य कराए जाएं, वहां पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जाए।
✍️ इन पार्षदों ने किया समर्थन (पत्र पर हस्ताक्षर)
शिकायत पत्र पर कई पार्षदों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन जताया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
यशपाल सिंह पूर्व नेता पार्षद दल
राधे लाल (पार्षद)
रजनी देवी (पार्षद)
मीना देवी (पार्षद)
प्रीति भारती (पार्षद)
माता प्रसाद (पार्षद, वार्ड
बेबी (पार्षद)
गंगाराम (पार्षद, वार्ड
ममता
इसके अलावा अन्य कई पार्षदों ने भी हस्ताक्षर कर इस शिकायत का समर्थन किया है।
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