12 कार, सहित एक मोबाइल और दसतावेज ट्रांस यमुना पुलिस ने किए बरामद ।
भारत लीक्स,आगरा। कमिश्नरेट आगरा की ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने वाहन को किराए पर लगाने के बहाने गिरवी रखकर धोखा धड़ी करने वाले वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 कारें, 1 मोबाइल फोन, 2 आधार कार्ड व बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
🔍 ऐसे खुला पूरा खेल ।
दिनांक 10.04.2026 को थाना ट्रांस यमुना में सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी की गाड़ियों के फर्जी कागजात तैयार कर उन्हें बेचने का धंधा कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 12.04.2026 को नगला केशर पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
👤 गिरफ्तार आरोपी
धीरज कुमार पुत्र पप्पन निवासी—सीता रामबाग, थाना एत्माद्दौला, आगरा (मूल निवासी—नगला बेल्हेड़ी, थाना खंदौली, आगरा)
हनुमन्त पुत्र ललक सिंह निवासी —अग्रसेन पुरम, थाना ट्रांस यमुना, आगरा ।
फरार आरोपियों के नाम ।
1. पुष्पेंद्र निवासी थाना सैपऊ ,हाथरस ।
2. सुनील
पूछताछ में आरोपियों ने दी हैरान कर
ने वाली जानकारी ।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा बरामद आधार कार्ड की छायाप्रति और उस पर दर्ज अलग-अलग जन्मतिथियों के संबंध में पूछने पर उन्होंने स्वीकार किया कि ये सभी दस्तावेज कूटचित तरीके से स्वयं तैयार किए गए थे। आरोपी फर्जी दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर लोगों की गाड़ियों को गलत तरीके से गिरवी रख देते थे। इस पूरे खेल में उनके साथ पुष्पेन्द्र और सुनील नाम के दो अन्य साथी भी शामिल थे, जो इस नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे। गिरोह के सदस्य लोगों से संपर्क कर उनकी गाड़ियों को किराये पर चलवाने के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे।
आरोपी लोगों को यह झांसा देते थे कि अलीगढ़ से खंदौली तक बन रहे सिक्स लेन हाईवे प्रोजेक्ट में इंजीनियरों और अधिकारियों के लिए गाड़ियों की जरूरत है, जिसमें गाड़ी लगाने पर ₹25,000 से ₹30,000 प्रतिमाह किराया मिलेगा और कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं होगा। साथ ही ड्राइवर और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी आरोपी खुद लेने की बात कहते थे। इस लालच में आकर लोग अपनी गाड़ियां उन्हें सौंप देते थे।
इसके बाद आरोपी एक फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लेते थे। फिर असली मालिक के आधार कार्ड और रजिस्ट्रेशन का उपयोग कर, पीकू ऐप के माध्यम से दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी पहचान तैयार की जाती थी। जिस व्यक्ति की फोटो लगाई जाती थी, उसकी व्यवस्था आरोपी सुनील द्वारा कराई जाती थी।
आरोपी इस फर्जी पहचान के आधार पर गाड़ियों को दूसरे लोगों के पास ले जाकर ₹3 से ₹4 लाख तक में गिरवी रख देते थे। गिरवी रखने के दौरान वे फर्जी दस्तावेज और नकली मालिक को साथ लेकर जाते थे, जिससे किसी को शक न हो। इस तरह प्राप्त धनराशि को आरोपी आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे।
📦 बरामदगी
🚗 12 कारें (वैगनआर, मारुति 800, सैंट्रो, ऑल्टो, टाटा इंडिका आदि)
🪪 2 आधार कार्ड (फर्जी)
📄 1 आधार कार्ड (वास्तविक)
📱 1 मोबाइल फोन
📑 फर्जी दस्तावेज/स्टाम्प पेपर ।
⚖️ दर्ज मुकदमा
थाना ट्रांस यमुना में मु0अ0सं0 137/2026 धारा 318(4), 316(2), 317(2), 317(5), 336(3), 338, 340(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
📜 आपराधिक इतिहास
धीरज कुमार
मु0अ0सं0 12/20 धारा 406 (थाना एत्माद्दौला)
मु0अ0सं0 684/11 धारा 328/368 (थाना एत्माद्दौला)
वर्तमान मुकदमा 137/2026 (थाना ट्रांस यमुना)
हनुमंत आउटर ललक सिंह परमार ।
मु0अ0सं0 90/18 धारा 302/328 (थाना एत्माद्दौला)
मु0अ0सं0 209/18 धारा 384/506 (थाना एत्माद्दौला)
मु0अ0सं0 137/26 धारा 316(2), 318(4) (थाना ट्रांस यमुना)
👮♂️ पुलिस टीम (शानदार गुड वर्क 👏)
इस पूरे खुलासे में शामिल टीम:
निरीक्षक हरेंद्र कुमार (थाना ट्रांस यमुना)
उ0नि0 विक्रम सिंह
उप निरीक्षक अमित कुमार (चौकी प्रभारी)
उ0नि0 लविश नागर
उ0नि0 मोहित कुमार
कांस्टेबल लोकेन्द्र कुमार, शिवकुमार, अभिषेक कुमार
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